Head Line News

|

http://www.abvbss.com

Santh Shree Murlidhar Ji Vaishnav

7 जन॰ 2016

प्रांतीय वैष्णव युवा परिषद जोधपुर राजस्थान द्वारा मिलन समारोह का सफलतापूर्वक आयोजन |

प्रांतीय वैष्णव युवा परिषद जोधपुर राजस्थान द्वारा वैष्णव चतु: सम्प्रदाय साधु समाज भवन जोधपुर में सन्नेह मिलन समारोह का सफलतापूर्वक आयोजन के लिए प्रदेश सरंक्षक दिलीप जी वैष्णव जयपुर, प्रदेश अध्यक्ष श्री मान हनुमानदासजी वैष्णव,टोंक प्रदेश उपाध्यक्ष जे. डी.टाइगर साहब,दिली प्रदेश प्रवक्ता गणेश जी वैष्णव केकड़ी, प्रदेश महासचिव परमेशवर जी वैष्णव केकड़ी,प्रदेश कोशाध्यक्ष मनीष जी वैष्णव देवली टोंक,वैष्णव सेवा समिति तिहारी, अजमेर के संयोजक किशनलाल जी वैष्णव  व उनकी पूरी प्रदेस कार्यकारणी , समस्त प्रान्तिय पदाधिकारी , जिला अध्यक्षो, तहसिल अध्यक्षो , एवं समस्त पदाधिकारीयो का सच्चे दिल से इस आयोजन को सफल बनाने के लिए अपने ह्रदय की असीम गहराई से आभार एवं साधुवाद देता हूँ ।

🙏🙏🙏🙏🙏🙏 मैं उन सभी वैष्णव भाइयो का भी बहुत ही आभारी हुँ जो अपना अमूल्य समय निकालकर हमारे यहा पधारकर  इस आयोजन को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया 🙏🙏🙏🙏 मैं प्रेम वैष्णव खेतासर जिलाध्यक्ष जोधपुर वैष्णव युवा परिषद् जोधपुर राजस्थान अपने ह्रदय की असीम गहराई से वैष्णव वीर के प्रधान सम्पादक लालदासजी व चतु: सम्पर्दय वैष्णव साधू समाज भवन के घनश्याम जी श्री चतु:सम्पर्दय वैष्णव ब्रामण समाज गुलाबसागर के अशोक जी कुबावत, राजन जी , वैष्णव एजुकेशन ट्रस्ट के सुनील जी योगानंदि,वैष्णव अधिकारी कर्मचारी संघ के रमेश जी श्री चतु: सम्पर्दय वैष्णव समाज छात्रावास भवन समिति मसुरिया के राजेश जी ,शेलेन्द्रपाल जी ,हरीश जी,वैष्णव युवा विकास समिति सांगरिया लूणी के अमर दास जी,वैष्णव ब्रामण समाज बर्तन व्यवस्था समिति के रामेश्वर दास जी  जोधपुर जिला कार्यकारीणी के वरिस्ट जिलाउपाध्यक्ष धर्मेन्द्र सालावास,जिला प्रवक्ता विनोद रामावत मेड़ता, जिला महासचिव प्रकाश रामावत देवनीया, जिला सांस्कृतिक सचिव विनोद वैष्णव रतनगढ़ जिला संगठनमंत्री दिनेश वैष्णव बाकलिया, पदाधिकारीयो,लूणी अध्यक्ष राजेंद्र तनावड़ा व उनकी पूरी टीम, तिंवरी अध्यक्ष मुकेश रामावत राजुदास जी बींजवाड़ीया व उनकी पूरी टीम,पीपाड़ अध्यक्ष मुकेश वैष्णव,साथ ही साथ में साधू समाज भवन के सरंक्षक व भाजपा नेता  घनश्याम जी वैष्णव    को साधुवाद देता हुँ जो हमें समाज भवन निशुल्क उपलब्ध करवाया व बर्तन समिति के हरिदास जी वैष्णव, श्यामलालजी वैष्णव को भी साधुवाद जो इस स्नेह मिलन के लिए निषुल्क बर्तन उपलब्ध करवाये व  इस आयोजन को सफल बनाने के लिए तन, मन  से सहयोग देकर समारोह  को सफल बनाया ।
साथ में मै और मेरी पूरी टीम की तरफ से  एंकर संदीप जी सेन को भी बहुत बहुत धन्यवाद देना चाहुगा जो अपना कीमती समय निकालकर हमारे समारोह में पधारे और बहुत ही अचे तरीके से मंच का संचालन किया |

आस्था,विश्वास,धर्म के साथ सामाजिक समरसता का संदेश देता कुंभ |

                                सिंहस्थ को लेकर प्रदेश सरकार की तैयारी,सामाजिक संगठन भी पीछे नहीं 
 6 जोन 22 सेक्ट्रर में बांटा गया सिंहस्थ को 16 सेक्टर में मेला ,केश लेश होगा सिंहस्थ,106 हेल्पसेंटरों के साथ 1000 प्याऊ भी होंगी 
    डा.लक्ष्मीनारायण वैष्णव

भोपाल/सनातन धर्म के महान पर्व का शुभारंभ आगामी बर्ष में होने जा रहा है और इसमें आने वाले करोडों लोगों की संभावना को देखते हुये जहां प्रदेश सरकार व्यापक स्तर पर तैयारियां करने में लगी हुई हैं तो वहीं सामाजिक संगठनों द्वारा अपने-अपने स्तर पर सहभागिता एवं सहयोग के लिये तैयारियां की जा रही हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं आगामी 22 अप्रेल से प्रारंभ होने जा रहे सिंहस्थ कुंभ जिसमें अमृत का लाभ उठाने के लिये देश ही नहीं विश्व भर के करोडों श्रृद्धालु एकत्रित होकर धर्म लाभ लेंगे। कुंभ जो कि धार्मिक,वैज्ञानिक एवं सामाजिक समरसता का सबसे बडा आधार बतलाया जाता है को लेकर गत एक बर्ष पूर्व से प्रारंभ तैयारियां अंतिम चरणों में देखी जा सकती हैं। सनातन धर्म के अनुसार तथा भारतीय संस्कृति की धरोहर उज्जैन को बतलाया गया है। स्कन्द पुराण के अनुसार इसको प्रतिकल्पा नाम से भी संबोधित किया गया है जो सृष्ट्रि के आरंभ से इसकी उत्पत्ति का प्रतीक बतलाया जाता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक एवं उनके अनुसांगिक संगठन तथा बडी संख्या में अन्य स्वयंसेवी ,सामाजिक संगठनों के द्वारा अपने-अपने स्तर पर तैयारियां आयोजन को सफल बनाने के लिये की जा रही हैं। 
12 बर्ष वाद शुभ अवसर-
सनातन धर्म का यह महान पर्व 12 बर्ष में एक बार आता है जब करोडों श्रृद्धालु मध्यप्रदेश के उज्जैन में क्षिप्रा नदी में स्नान हेतु एकत्रित होते हैं। धार्मिक मनातनुसार जब सूर्य मेष एवं बृहस्पति सिंह राशि में होते हैं तो उज्जैन में कुंभ प्रारंभ होता है। चैत्र माह की पूर्णिमा से प्रारंभ होकर बैशाख पूर्णिमा के दिन अंतिम स्नान पर समाप्त होता है। 
शाही स्नान-
उक्त महान धार्मिक पर्व में शाही स्नान का विशेष महत्व बतलाया गया है प्राप्त जानकारी के अनुसार 22 अप्रेल 2016 को प्रथम शाही स्नान होगा। इसके पश्चात् क्रमश: 3,6,9,11,15,17,19,20 एवं 21 मई 2016 को शाही स्नान की तिथि बतलायी गयी है।
उज्जैयिनी और चौरासी शिव-
प्राचीन एवं धार्मिक रूप से पहचानी जानी वाली उज्जयिनी नगरी का महत्व जहां ज्ञान,विज्ञान,अध्यात्म,कला को लेकर पहचाना जाता है तो वहीं दूसरी ओर यहां पर 84 शिव लिंग की स्थापना महाकाल के साथ होने और इसका अलग-अलग महत्व बतलाया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यहां पर क्रमश:अगस्तेश्वर,गुहेश्ववर,ढुढेश्वर,डमरूकेश्वर,अनादिकलपेश्वर,स्वर्ण जालेश्वर,त्रिविष्टेश्वर,कपालेश्वर,स्वर्गद्वारेश्वर,कर्कोटकेश्वर,सिद्धेश्वर,लोकपालेश्वर,कामेश्वर,कुटुम्बेश्वर,इन्द्रद्युम्रेश्वर,ईशानेश्वर,अप्सरेश्वर,कलकलेश्वर,नागचके्रश्वर,प्रतिहारेश्वर,कुक्टेश्वर,कर्कटेश्वर,मेघनादेश्वर,महालेश्वर,मुक्तेश्वर,सोमेश्वर,अनरकेश्वर,जटेश्वर,रामेश्वर,च्वनेश्वर,खण्डेश्वर,पत्नेश्वर,आनदेश्वर,कन्थदेश्वर,इंद्रेश्वर,मार्कण्डेश्वर,शिवेश्वर,कुसुमेश्वर,अकेश्वर,कुण्डेश्वर,लुम्पेश्वर,,गंगेश्वर,अंगारेश्वर,उत्तरेश्वर,त्रिलोचनेश्वर,वीरेश्वर,नूपरेश्वर,अभयेश्वर,पृथुकेश्वर,स्थावरेश्वर,शूलेश्वर,ओंकारेश्वर,विश्वेश्वर,कंटेश्वर,ङ्क्षसहश्वर,रेवन्तश्वर,घंटेश्वर,प्रयागेश्वर,सिद्धेश्वर,मातंगश्वेर,सौभाग्येश्वर,रूपकेश्वर,धनु:सहास्त्रेश्वर,पशुपतेश्वर,ब्रम्हेश्वर,जलपेश्वर,केदारेश्वर,पिशाच मुक्तेश्वर,संगमेश्वर,दुर्घरेश्वर,प्रयोगेश्वर,चन्द्रादित्येश्वर,करमैश्वर,राजस्लेश्वर,बडलेश्वर,अरूणेश्वर,पुष्पदंतेश्वर,अविमुक्तेश्वर,हनुमंत्केश्वर,स्वप्रेश्वर,पिंगलेश्वर,कायावरोहलेश्वर,बिल्पेश्वर एवं दुर्दरेश्वर के मंदिर स्थापित हैं। 
 सिंहस्थ 6 जोन 22 सेक्ट्रर-
उक्त विशाल आयोजन को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं जिसको अंतिम रूप देने का सिलसिला जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सिंहस्थ क्षेत्र को 6 जोन एवं 22 सेक्ट्रर में बांटा गया है जिसमें 16 सेक्ट्रर में मेला परिसर है। इस क्षेत्र में लगभग 15 लाख लोग स्थायी रूप से निवास करेंगे जिसमें 13 अखाडे भी होंगे। मेला परिसर में लगभग 1000 पेयजल की प्याऊ भी बनायी जा रही हैं। वहीं मोबाईल एप्स के साथ अनुरोध,समस्या निवारण हेतु 106 हेल्प सेंटर भी बनाये जा रहे हैं। विभिन्न  विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारियों की ड्यूटी इस दौरान लगायी जायेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार 22 विभागों द्वारा सेवायें दी जायेंगी।  वहीं एक बेबसाईट बनायी जा रही है जिस पर संपर्क  सूत्र,मोबाईल नंम्बरों के साथ ही अन्य जानकारियां भी अपलोड की जा रही हैं।
पुरातत्व और सिंहस्थ-
सिंहस्थ मेले को लेकर करोडों लोगों के आने की बात को ध्यान में रखते हुये धार्मिक एवं एैतिहासिक मंदिरों को सजाने संवारने के लिये कार्य किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इसके लिये पुरातत्व विभाग द्वारा 2 करोड 55 लाख रूपयों को खर्च कर साफ-सफाई,सुरक्षा एवं सौन्द्रीयकरण की योजना पर कार्य किया जा रहा है। इसमें विद्युतीकरण,सीसीटीव्ही केमरे,अग्रिशमन यंत्र,फायर अलार्म प्रमुख बतलाये जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार उक्त कार्य अकेले में 1 करोड 20 लाख 65 हजार रूपये खर्च किये जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार भृतहरि गुफा में 13 लाख 15 हजार,राम जर्नादन मंदिर में 22 लाख 17 हजार,विष्णु चतुष्टका में 30 लाख 3 हजार,काल भैरव मंदिर में 25 लाख 32 हजार,तिलकेश्वर मंदिर में 36 लाख 52 हजार की राशि खर्च करने की योजना पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। 
केश लेश होगा सिंहस्थ-
सिंहस्थ कुंभ को केश लेश बनाने की योजना पर विस्तृत रूप से कार्य प्रारंभ हो चुका है। 6 जोन एवं 22 सेक्टर में विभाजित कुंभ परिसर को बैंक सिंहस्थ डेबिट कार्ड जारी करने जा रहे हैं। इसमें राष्ट्रीयकृत एवं निजि बैंक मिलकर कार्य कर रहे हैं। 
जियोफेंसिंग से कर्मचारियों पर नजर-
सिंहस्थ मेले की विशालता को देखते हुये सरकार किसी भी प्रकार की कोताही नहीं वरतना चाहती। कर्मचारी अपनी ड्यूटी सही ढंग से कर रहे हैं कि नहीं इसके लिये जियोफेंसिंग के माध्यम से निगरानी होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार अधिकारी,कर्मचारी बिना अनुमति परिसर से बाहर नहीं जा सकेंगे। इसके लिये 70 बायो-मेट्रिक मशीने अटेंडेंस के लिये लगाई जा रही हैं जो कि थम्ब इम्प्रेशन से उपस्थिति दर्ज कराने का कार्य करेंगी जिसका डेटा मोबाईल एप्प पर नियमित प्राप्त होगा। 
सिंहस्थ भीड प्रबंधन कंटो्रल रूम-
उक्त विशाल धार्मिक,सामाजिक आयोजन में आने वाले करोडों लोगों की संभावना को देखते हुये सिंहस्थ भीड प्रबंधन की योजना पर कार्य प्रारंभ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इसके लिये 29.42 करोड रूपये खर्च किये जायेंगे। इसके लिये राणोजी की छत्री पर अस्थाई कंट्रोल रूम बनने जा रहा है। ग्राम एवं नगर रक्षा समीति के लगभग 10 हजार लोगों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है जबकि पूर्व में 5 हजार को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
जल संसाधन की योजना, कार्य-
सिंहस्थ 2016 को देखते हुये मध्यप्रदेश के जल संसाधन विभाग द्वारा 157 करोड रूपये के कार्य कराये जा रहे हैं। जिनमें से 15 प्रगति पर होने की जानकारी प्राप्त हुई है जिनमें घाट निर्माण,शुद्धीकरण,लालपुर रेेल्वे ब्रिज से भूखी माता घाट क्षेत्र की लम्बाई 540 से बढाकर 571 की जा रही है। 


2 नव॰ 2015

प्रभु श्रीराम ने किया रावण वध,हनुमान ने लंका दहन, श्री वैष्णव परिवार द्वारा प्रस्तुत लीला प्रभु श्रीराम की

श्रीराम जी सेवा समीति के तत्वाधान में आयोजन सम्पन्न
दमोह / जय जय श्रीराम के जयकारों से गुंजायमान होता परिसर अट्हास करता विशाल रावण का पुतला और रंगीन अतिशबाजी से नहाता आकाश जी हां एैसा ही कुछ नजारा था स्थानीय तहसील ग्राउंड के विशाल परिसर का जहां उपस्थित हजारों लोग लीला प्रभु श्रीराम की तथा रावण दहन के भव्य कार्यक्रम का आनंद लेने आये हुये थे। ज्ञात हो कि श्रीराम जी सेवा समीति द्वारा उक्त आयोजन किया जाता है । जैसे ही पवनपुत्र ने लंका की अशोक बाटिका में प्रवेश किया जय जय श्रीराम के जयकारों से गूंजने लगा । उक्त आयोजन में श्रीराम जन्म,ताडका वध,मेद्यनाथ वध,लंका दहन,कुंभकरण वध तथा आताई रावण का वध के प्रभावी मंचन किया गया। ज्ञात हो कि गत बर्षो में रावण दहन के उक्त कार्यक्रम में लीला प्रभु श्रीराम की का मंचन श्रीवैष्णव परिवार द्वारा किया जा रहा है। हाईटेक रामलीला विशेष आकर्षण बना का केन्द्र बना रहा ।
कार्यक्रम के प्रारंभ में नन्ही कन्याओं द्वारा श्रीगणेश एवं श्री शिव वंदना की प्रस्तुति ने जमकर तालिया बटोरीं। तत्पश्चात् क्षेत्रीय सांसद प्रहलाद पटैल,मंत्री जयंत कुमार मलैया,जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटैल एवं नगरपालिका की अध्यक्ष मालती असाटी सहित मंचासीन अतिथियों ने प्रभुश्रीराम,लक्ष्मण एवं हनुमान के स्वरूपों का पूजनार्चन किया। वहीं मंच पर ही रखे स्व.महादेव प्रसाद गुप्ता,अजीत श्रीवास्तव एवं तुलाराम साहु के चित्रों पर भी पुष्प अर्पित किये। अतिथियों ने सुंदर आयोजन के लिये आयोजन समीति को बधाई एवं शुभकामनायें देते हुये तारीफ की। वहीं लीला प्रभु श्रीराम के मंचन को देखने उमडा विशाल जन समूह कलाकारों की प्रस्तुतियों को देख लगातार जयकारे एवं तालियां बजाने को मजबूर बार होता रहा।  ज्ञात हो कि उक्त रामलीला की पटकथा स्व.अजीत श्रीवास्तव लिखी थी तथा निर्देशन पत्रकार एवं रंगकर्मी डा.एल.एन.वैष्णव ने किया है। श्रीराम-पं.रजतदास वैष्णव,लक्ष्मण-पं.कुणालदास वैष्णव,हनुमान-डा.एल.एन.वैष्णव,विश्वामित्र-पं.महेश पांडे,दशानन-सुधीर सेन,कुंभकरण मनीष खरे ,मेघनाथ चंचल पाटकर,विभीषण अमनदीप हुडा,धर्मपाल,राजा,आकाश,विधान,रोशन,अभिलाश सहित लगभग 50 कलाकार इनके साथ कला के रंग प्रस्तुत करते हैं। वहीं दूसरी ओर मंच एवं लाईट प्रदीप राजपूत यश डीजे द्वारा की गयी। ज्ञात हो कि रूप सज्जा डा.वैष्णव एवं पत्रकार एवं रंगकर्मी श्रीमती हंसा वैष्णव द्वारा किया जाता है। श्रीराम जी सेवा समीति द्वारा समस्त कलाकरों नगर के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वालों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों के साथ ही जिला एवं पुलिस प्रशासन के आलाअधिकारियों के साथ ही भारी पुलिस बल की तैनाती रही।



4 अक्टू॰ 2015

अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ मुंबई की राष्ट्रीय कार्यकारणी बैठक गुजरात के सूरत शहर में संम्पन ।

राष्ट्रीय संत श्री  मुरलीधर जी वैष्णव ,गॊभक्त भक्त सुख  देव महाराज,दादा मनोहर  बैरागी  का  मिला  सानिध्य  

सूरत  20  सितम्बर -  सूरत  20  सितम्बर -  अखिल  भारतीय  वैष्णव  ब्राह्मण  सेवा संघ  की राष्ट्रीय  कार्यकारणी  की  छे  माही  बैठक  गुजरात  के   डायमंड  सिटी  सूरत  में  संम्पन  हुई  राष्ट्रीय   कार्य समिति की बैठक  दो  सत्रों चली प्रथम  सत्र  में  समाज के राष्ट्रीय संतो का सानिध्य मिला  सेवा  संघ इकाई  सूरत  के  ऊर्जावान  कार्यकर्तोऔ  द्वारा  कार्यक्रम  के  अतिथि  राष्ट्रीय संत  मुरलीधर जी  वैष्णव  जोधपुर ,गोभक्त  संत  सुख देव  महाराज , राष्ट्रीय अध्यक्ष  सतीश  जी वैष्णव  ,  डॉ  आर एस वैष्णव  प्रो  एच डी  वैष्णव  , जयनारायण जी जोधपुर , दादा मनोहर बैरागी  उज्जैन , सुरेश जी ,मूलचंद जी वैष्णव , पूर्व  महासचिव  विष्णु दत्त  वैष्णव , राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पुष्पा हरी , वैष्णव  किरण  रामावत  हैदराबाद , किशन जी निम्बावत  राष्ट्रीय  युवा अध्यक्ष , रामेश्वर दयाल  कोटा , अधिवक्ता  रामेश्वर  उदयपुर ज्योति  भाई  गुजरात ,  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  दीनदयाल वैष्णव अहमदाबाद  , राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष  डी सी वी  किरण , किशन जी  निम्बावत ,  सुरेश जी  बैरागी  राष्ट्रीय  प्रवक्ता  , राष्ट्रीय  उपाध्यक्ष  प्रमोद  रामावत नीमच , पि एल  बैरागी , सुरेश  जी  वैष्णव  अध्यक्ष  उत्तर प्रदेश , महेश  बैरागी  राष्ट्रीय  उपाध्यक्ष  युवा  सेवा संग ,  राजस्थान  प्रदेश अध्यक्ष  राजेंद्र  वैष्णव  युवा  सेवा  संघ  , सुनील  वैष्णव , महिला  राजस्थान  प्रदेश  अध्यक्ष  सुनीता   वैष्णव  जयपुर  , भगीरथ जी  अतिरिक्त  महासचिव  रामदास  जी  लश्करी  चिन्नई  , कन्या दास  वैष्णव   को  सम्मान पूर्वक  मंच  पर आसीन  करवाया   गया 


संत  श्री मुरलीधर जी  वैष्णव  राष्ट्रीय  अध्यक्ष सतीश  जी  वैष्णव  ने  दीप  प्रज्वलित कर  कार्यक्रम  का  शुभारम्भ किया  राष्ट्रीय  प्रवक्ता  मयंक  भारद्धाज  ने  मंत्रोच्चार  के साथ   ईश वंदन की  उस  के  पश्चात  राष्ट्रीय  महासचिव  भुवनेश  जी  वैष्णव  ने  मंचासीन  अथितियों  का  बारी  बारी  से मंच  से  संचालन  कर  सूरत इकाई  के  सदस्यों  से  स्वागत  करवाया  गया । 

राष्ट्रीय  महासचिव  भुवनेश जी  वैष्णव  ने  सेवा  संघ  का  प्रतिवेदन  पढ़  कर   सुनाया  जिसमे  सेवा  संघ के   किये  गये  कार्यो  व  आगामी  कार्ययोजना  के  विषय  में सदन  के  सामने  प्रस्तुत  किया । 

राष्ट्रीय  उपाध्यक्ष प्रमोद  रामावत  ने  समाज  की  विभूतियो  के  सम्मान  की  सेवा संघ  की  नई  परिपाठी  के विषय  में  अवगत  कराया जिसमे  सेवा संघ  द्वार  समाज  के  लिये  उत्कृष्ट  कार्य  करने  वाले  समाजजन  को  समाज रत्न   व  समाज  का  गौरव  देश  व  दुनिया  में  बढ़ाने  वाले  समाज जन  को  वैष्णव रत्न  से   सम्मानित  किया  जाता हे  । 
संत श्री  मुरलीधर जी  वैष्णव को  वैष्णव  रत्न  से  सम्मानित  किया 


 अखिल भारतीय  वैष्णव  ब्राह्मण  सेवा  संग  द्वारा  राष्ट्रीय  संत  श्री  मुरलीधर जी   वैष्णव  जौधपुर  को  वैष्णव  रत्न  से  राष्ट्रीय  अध्यक्ष  श्री  सतीश जी  वैष्णव   ने  सम्मानित  किया   श्री  मुरलीधर  जी  का  परिवार  कई  पीढ़ियों  से  कथा  सत्संग  कर  धार्मिक  क्षेत्र  में  अपना  परचम  लहराता  रहा  हे  व  संत  श्री  ने  भी  राम कथा   कर  पूरी  दुनिया में  ख्याति  प्राप्त  कर  समाज  को  गोर्वित  किया  हे   इस  बार  नासिक  के  अर्धकुंभ  में  संत  श्री  मुरलीधर  ने  आगे  चलकर  राष्ट्रीय  अध्यक्ष  श्री  सतीश  जी  वैष्णव  को  अखिल  भारतीय  वैष्णव  ब्राह्मण  सेवा  संघ  मुंबई  के  बैनर  तले  राम  काथ  करने   का  सुजाव  दिया  व  इस  आयोजन  के  माध्यम  से  देश  व  दुनिया  में  रहने  वाले  वैष्णव  समाज जन  को  एक साथ  एक  बैनर तले  लाकर  समाज  को एक  जुट  होने  व   चहुमुखी  विकास  करने  की प्रेरणा  दी  जिसके  परिणाम  स्वरूप  राष्ट्रीय  अध्यक्ष सतीश  जी  ने  भी  संत  श्री  की  बात  को  मान  कर  अल्प  समय  में  नासिक  कुंभ में  भव्य  आयोजन  की  तैयारी  में  जुट  गये  और   रामा  कथा   का भव्य  आयोजन  करवाया  व  इस  का  सीधा  प्रसारण  संस्कार  चैनल  के  माध्यम  से  विश्व  के  107  देशो  में  रामकथा  का  रसपान  करवाया  इस  आयोजन  के  लिये  पुरे  नासिक  में  800  के  करीब  छोटे  बढ़े  पोस्टरों  बेंनर  , होर्डिंग  

लगा  कर  भव्य  प्रचार  किया  गया  नासिक  में  भारी  बारिश  के  बावजूद  सेवा संघ  का  पंडाल  खचा खच  भरा  रहा  व  लोगो  ने  बढे  आंनन्द   के  साथ  राम  कथा  का  श्रवण  किया  सेवा  संघ  के  द्वारा  समाज  जन  व  कथा  सुनने  वाले  सभी  के  लिये  सुबह  शाम  दो नो  समय  महा प्रसादी  का  आयोजन  भी  रखा  गया   वैष्णव  समाज  का  यह कुंभ में आपार सफल  आयोजन  रहा  राष्ट्रीय  अध्यक्ष  सतीश जी  वैष्णव  ने  बताया  की देश  व  विदेशो  से  हजारो  की  तादात  में  समाज  जन  ने संस्कार  टीवी  पर  सीधा  प्रसारण  देख  कर  बधाईया  दी । 
राष्ट्रीय  संत श्री  मुरलीधर जी  वैष्णव  ने  समाज  के  लिये  हर  सम्भव  सहयोग  करने  के  लिये  कहा  व  आगामी  उज्जैन  के  महाकुंभ  में  भी  अखिल भारतीय  वैष्णव  ब्राह्मण  सेवा  संघ  के  बैनर  तले  कथा  करने  को  कहा  हे  जिसमे  वे  राम कथा  के साथ  साथ  नानी बाई  रो  मायरो  भी  करेंगे  राष्ट्रीय  अध्यक्ष  सतीश जी  ने  बताया  के  उज्जैन  कुंभ  में  राम  कथा  की   अभी से  तैयारी  कर  दी  हे  जिसमे  कई  समाज  जन  ने  एक  दिवसीय  यजमान  बनने के  लिये  अपना  नाम लिखवाया हे । 
  
 दादा  मनोहर  बैरागी उज्जैन  को वैष्णव  रत्न  से  किया  सम्मानित  

 अखिल  भारतीय  वैष्णव  ब्राह्मण  सेवा  संघ  मुंबई  द्वार  दादा  मनोहर  बैरागी  को  वैष्णव  रत्न  से  सम्मनित  किया  गया  दादा  सेवा  संघ के  स्वरक्ष  हे   व राजनीति  में  अच्छा  वर्चस्व  रखते  हे  वे  उज्जैन  के  पूर्व  मेयर  भी  रह  चुके हे   इन्होने  राजनीती  के  साथ  साथ समाज  को  भी  अपनी  सेवाएं  दि हे  दादा  प्रखर  वक्ता  भी  हे  कई  लोग  दादा  को  सुनने  के  लिए  मिलो दूर  से  आते हे  व घंटो  तक उन्हें  सुनने  के  लिए  बेताब  रहते  हे  दादा  में  इस  उम्र में  भी  युवाओ  से  भी अधिक  जोश  नज़र आता हे   व  ऊर्जावान  दीखते  हे  जो  भी  उनसे  मिलता  हे  बस  उनका  दीवाना  बन  जाता  हे । 

डॉ  आर एस  वैष्णव  को  समाज  रत्न  से  सम्मानित  किया  

अखिल  भारतीय  वैष्णव  ब्राह्मण  सेवा  संघ  द्वारा  डॉ  साहब  को  समाज  रत्न  से  सम्मानित  किया  इन्होने  कई  वर्षो  से  समाज  को  अपनी  सेवा दी हे व  समाज  जन  के  सहयोग  के  लिये  हमेशा  तत्पर  रहते  हे 

इनको  भी  किया  समाज  रत्न  से  सम्मानित 

मोहन  एस  वैष्णव  , रामेश्वर  दयाल  जी  वैष्णव  कोटा ,  पूर्व  महा सचिव  विष्णु दत्त जी   वैष्णव कोटा,  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  कन्या दास  जी  वैष्णव पूर्व  अध्यक्ष  साँवरिया  ट्रस्ट   ,   प्रो  एच  डी  वैष्णव पूर्व  महसचिव  कल्याण ट्रष्ट  , सुरेश  बैरागी  कवि  सम्राट  मंदसोर   , एडवोकेट  रामेश्वर  दयाल  उदयपुर  ,सुरेश व्यास  , मूलचंद जी  वैष्णव  ,  मनोहर रामावत  नाडोल  गांव  राजस्थान   हाल  हैदराबाद  , । 

अखिल  भारतीय  वैष्णव ब्राह्मण   सेवा  संघ  के  राष्ट्रीय  ध्वज  का   किया  विमोचन 

राष्ट्रीय  संत  श्री  मुरलीधर  वैष्णव  के हातो से   सेवा  संघ  के  ध्वज  का  विमोचन  किया  गया  वैष्णव  समाज  के  कवि  सम्राट  प्रमोद  रामावत  ने  ध्वज  के विमोचन  के  अवसर  पर  ध्वज  की  विषय  में  कहा  की हम वैष्णव  हे   और ध्वज  हमारी  पहचान  हे  आगामी  सेवा  संघ  का  जब भी  कोई  कार्यक्रम  होगा  उसमे  ध्वजा  को  फहरा  कर  कार्यक्रम  का  शुभारम्भ  किया जायेगा  । 


राष्ट्रीय  अध्यक्ष  सतीश जी  वैष्णव  ने  सदन  को सम्बोधित  कर  कहा  कहा   
उज्जैन  के  महाकुंभ  में  अखिल  भारतीय  वैष्णव  ब्राह्मण   सेवा संग के  द्वारा   राम  कथा    व  नानी बाई रो म्हारो  श्री  मुरलीधर  जी  महाराज  के  मुखारविंद  से  किया जायेगा इस भव्य आयोजन  की  घोषणा  होते  ही  पूरा  सदन  ताभीलियों  से  गूंज  उठा  व  समाज  जन  ने  इस  आयोजन  के  लिए  एक  दिन  का  जजमान  बनने  के  लिए   अभी  से  अपने  नाम  देना  प्रारम्भ   कर दिया  हे
    
उन्होंने  संघटन  का  महत्व  , अनुशासन  समिति , मंदिर  डोली  भूमि  , अर्थ समिति ,  जन  गणना  में अपना  सर  नेम  वैष्णव \ बैरागी  लगाने  की  व राज्य  वार  जनगणना   समिति  का  गठन  करने  , व  वैष्णव  शिक्षण  संस्था  के  लिए  जल्द  जमीन  खरीदने  , आदि  के  विषय  में  विस्तार  से  अवगत  कराया  और  कहा  के  सालासर  बालाजी  में  मुझे  अध्यक्ष  चुना  गया  हे  तब  से  लगा  कर  अभी  तक  समाज  के  लिये  कई  सफल आयोजन  किये  हे  जिसमे  संघटन  निर्माण  , रक्त दान  अभियान  , वृक्षारोपण  अभियान  , नासिक  कुंभ  में  भव्य  रामकथा  का  आयोजन  ,  और  उन्हों  ने  कहा  की  सालासर  अधिवेशन  की  बचत  राशी  की  एफडीआर  करवादी  हे  व  औरंगाबाद  राष्ट्रीय  कार्यकारणी  की  बैठक  से  लगाकर  अबतक  सेवा  संघ  के  पेसो  की  चाय  तक नहीं पि हे  व  अभी  तक  मेरे  स्वय  के 18 लाख  36  हजार ख़र्च  हो चुके  हे  व  आगे  भी  समाज  के  विकास  के  लिए  किसी भी  प्रकार  की  राशी  आवश्यकता  होने  पर  में    तम मन धन  से  सहयोग  करुगा  व आगे  भी  सेवा  संघ  के  मोर्चो  इकाई  यो  के  गठन  व  संघटन  विस्तार  जारी रहेगा व  जल्द  शेक्षणिक  ट्रस्ट  का  गठन  किया  जायेगा  ।  

राष्ट्रीय  कार्यकारणी  के  दितीय  सत्र  
 मंच  पर  दादा  मनोहर  बैरागी  , राष्ट्रीय  अध्यक्ष  सतीश  जी  वैष्णव  , रमेश  जी  कोटड़ी  , रमेश  जी  कोटा  , राष्ट्रीय  प्रवक्ता  रामदास  जी  उदयपुर  , विष्णु जी  रामावत  , बाबू लाल जी  पहलवान  इंन्दोर  , गिरधर  गोपाल  जी  जोधपुर  , चम्पल लालजी  वैष्णव  जोधपुर  , गोपाल रामावत  जोधपुर  , हरी  द।स जी जाबलपुर,  राष्ट्रीय मिडिया सयोजक  कुलदीप गृहस्थी , राष्ट्रीय  प्रवक्ता  राजेंद्र वैष्णव  बांसवाड़ा ,  प्रमोद रामावत   , चांदनी   वैष्णव  चितौड़  , गीता  बैन  राजकोट  , का  स्वागत  किया  गया  । 

रमेश  जी  तिलम्संग  पूर्व  अतरिक्त  कलेक्टर  उज्जैन  ने  मंदिर  डोली    विषय  में  जानकारी  व  उनके  द्वारा  किये  जारहे  प्रयासों  के  विषय  में  विस्तारसे  जानकारी  दी 

राष्ट्रीय  महासचिव भुवनेश जी  वैष्णव  का  स्वागत  दादा  मनोहर  बैरागी  , राष्ट्रीय  अध्यक्ष  सतीश जी ने  किया  इस  अवसर  पर    वैष्णव जन  टुडे  पत्रिका का   विमोचन  किया गया

राष्ट्रीय  अध्यक्ष  सतीश जी'  वैष्णव  ने  कल्याण   ट्रस्ट  के   महासचिव   के  पद  के  लिये  सुनील रामावत  सूरत , सेवा संघ  महिला  राष्ट्रीय   अध्यक्ष  पद  के   लिए  किरण  जी  रामावत    के  नाम की  घोषणा  की ।

सूरत  इकाई   ने  सुन्दर  आयोजन  किया  


सूरत  की  टीम  के  सभी  सदस्यों  ने  राष्ट्रीय  कार्यकारणी की  बैठक  को  सफल बनाने  के  लिये  तन मन  धन  से  सहयोग  किया   व  रात  भर  नासिक  कुंभ  व  बाहर  आने  वाले  समाज  जन  के  स्वागत  व  ठहराने  ने  की उत्तम  व्यवस्था  के लिये    जगते  रहे   सूरत  की  टीम  ने  सभी  का  दिल  जीत लिया 
  

बैठक  का  समापन  दादा  मनोहर  बैरागी  के  भाषण  के  साथ  हुवा  











राजेंद्र वैष्णव  -  बांसवाड़ा, Mob. 0 9887707878 
www.vaishnavtoday.com




    




   

     
     









    




   

     
    

30 सित॰ 2015

डा.हंसा वैष्णव बनी जम्प महिला प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक


 एनयूजे आई के राष्ट्रीय अधिवेशन में हुई घोषणा
दमोह/ विश्व के सबसे बडे एवं एकमात्र मान्यता प्राप्त अंर्तराष्ट्रीय पत्रकार संगठन आईएफजे की राष्ट्रीय ईकाई नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया के राष्ट्रीय अधिवेशन कोटा राजस्थान में देश समस्त राज्यों के पत्रकारों की उपस्थिति में तीन दिवसीय आयोजन सम्पन्न हुआ। एनयूजेआई के उक्त अधिवेशन में राष्ट्रीय पदाधिकारियों का निर्विरोध निर्वाचन हुआ जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष रासबिहारी,महामंत्री रतन दीक्षित एवं उपाध्यक्ष वेस्ट जोन भोपाल मध्यप्रदेश निर्वाचित हुये। इस अवसर पर सुश्री सीमा किरण को राष्ट्रीय स्तर महिला प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी सौंपी गयी तो जिले के जानी मानी मध्यप्रदेश सरकार के जनसंपर्क विभाग से अधिमान्य एवं एकमात्र महिला पत्रकार डा.हंसा वैष्णव को मध्यप्रदेश महिला प्रकोष्ठ को बनाया गया। उक्त घोषणा के साथ ही पत्रकारों एवं शुभचिंतकों की बधाईयों का तांता लगा हुआ है। विदित हो कि उक्त अधिवेशन में पत्रकारिता से जुडे अनेक गंभीर मुद्दों पर चर्चा एवं प्रस्ताव पारित किये गये तो राष्ट्रीय स्तर पर आयोग गठित करने की दिशा में चल रही केन्द्र सरकार से चर्चा को आगे बढाते हुये शीघ्र गठन कराने की बात पर बल दिया गया। देश की राजधानी दिल्ली में एक साथ उपस्थित होकर एकता एवं शक्ति का प्रदर्शन की बात पर भी सहमति बनी। पत्रकारों की सुरक्षा,पेंशन,स्वास्थ्य जैसे अनेक मुद्दों पर चर्चा एवं प्रस्तावों के पारित हुये। देश भर के राज्यों से आये प्रतिनिधियों में से अनेक पत्रकारों को अपनी बात रखने का मौका मंच पर दिया गया। इस अवसर पर केन्द्र एवं राज्य सरकारों के प्रतिनिधि के रूप में सांसद,मंत्री,विधायकों के साथ ही अधिकारियों की लगातार उपस्थिति रही। डा.हंसा वैष्णव को विश्व के सबसे बडे एवं एकमात्र मान्यता प्राप्त अंर्तराष्ट्रीय पत्रकार संगठन में प्रदेश की जिम्मेदारी मिलने पर पत्रकारों एवं शुभचिंतकों द्वारा लगातार शुभकामनायें प्राप्त हो रही हैं।

19 अग॰ 2015

गाये गीत,झूले भी झूले और राधा-कृष्ण ने रचाई रास , हिन्दुस्थान संगिनी क्लब के आयोजन में उमडी भीड |


दमोह /    जहां एक ओर सावन के गीत गाये जा रहे थे तो वहीं राधा-कृष्ण के रूप में सुसज्जित नन्हे मुन्हें बच्चे क्रीडा एवं रास रचाने के साथ झुलों पर झूल रहे थे महिलायेें हाथों में मेंहदी रचा रही थीं। जी हां एैसा ही कुछ नजारा था हिन्दुस्थान संगिनी क्लब के आयोजन में  जहां सैकडों लोगों की भीड ने सावन का आनंद रिमझिम फुहारों के बीच लिया। स्थानीय पं.दीनदयाल स्मृति पार्क जटाशंकर के प्रांगण में घने एवं पुष्पों के मध्य आयोजित उक्त आयोजन के दौरान एवं प्राकृतिक छटा देखने को मिली। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान राधा कृष्ण को नमन के साथ प्रांगण में स्थित पं.दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर पुष्पमाल पहनाके के किया गया। कार्यक्रम की मुख्यातिथि समाजसेवी श्रीमती रितु दुआ,वि.अ.श्रीमती मनीषा मदान एवं अध्यक्ष श्रीमती सुशीला सिरोठिया का पुष्पहार से संयोजक समाजसेवी,रंगकर्मी एवं पत्रकार डा.श्रीमती हंसा वैष्णव,सहसंयोजक श्रीमती अलका मिश्रा,कंचन असाटी,प्रभात मिश्रा,शिखा गुप्ता,कल्पना श्रीवास्तव,कृष्णा मिश्रा,बबिता दुबे,सविता सोनी एवं कु.कीर्ति वैष्णव सहित क्लब से जुडी अनेक सदस्यों ने पुष्पहारों से स्वागत किया। इसी क्रम में कमला,पूजा एवं रिकी गुप्ता ने सावन के पारंपरिक गीतों को गाकर जहां अतिथियों का स्वागत किया एवं यह क्रम बहुत देर तक चलता रहा। आयोजन के प्रयोजन की जानकारी डा.श्रीमती वैष्णव ने देते हुये कहा कि उक्त आयोजन के पीछे का उद्ेश्य विलुप्त होती भारतीय परंपराओं से परिचित कराने तथा युवाओं को जोडने तथा परिचित कराने का था। पूर्व में सावन माह में महिलाओं द्वारा जहां गीतों के साथ आम एवं अन्य वृक्षों पर झुलों को डालकर झुला झुलती थीं। प्रकृति के समीप होने का अनुभव एवं उससे प्रेम तथा वृक्षारोपण और अपने प्रियतम को याद करना इन गीतों में होता था। विभिन्न प्रकार की कल्पनाओं के साथ ही कान्हा एवं राधा के गीत भी इसमें होते थे। वहीं मेंहदीं तथा श्रृगांर भी इसका एक हिस्सा होता था। कुछ इसी परंपराओं से परिचित कराने के लिये उक्त आयोजन किया गया था। जहां महिलाओं ने सोलह श्रृगांर किये तो मेंहदी भी लगायी,झुलों का आनंद लिया तो गीतों को भी गाया। पारंपरिक झुलों के साथ ही हिडोलनों का भी आनंद लिया तो बच्चों ने भी जमकर मस्ती की। इसी क्रम में राधा-कृष्ण के रूप में सुसज्जित बच्चों के साथ अन्य प्रतिभागियों को समारोह के अतिथियों के करकमलों से पुरूस्कार भी प्रदान कराये गये। इस अवसर पर मुख्यातिथि श्रीमती रितु दुआ ने आयोजन की सराहना करते हुये कहा कि हिन्दुस्थान संगिनी क्लब का यह प्रयास सराहनीय है कि वह महिलाओं को एक मंच प्रदान कर रहा है तो वहीं विलुप्त होती परंपराओं को पुर्नजीवित करने प्रयासरत है। श्रीमती मनीषा मदान ने भी आयोजन की सराहना की तो श्रीमती सुशीला सिरोठिया ने क्लब की समस्त सदस्यों की जमकर तारीफ करते हुये कहा कि एक पवित्र उद्ेश्य को लेकर क्लब आगे बढ रहा है। इस अवसर पर झुलों का आनंद जहां महिलाओं ने उठाया तो वहीं राधा-कृष्ण के रूप में सुसज्जित बच्चों के साथ उपस्थित बच्चों के साथ ही गरीब,गली कुचों में कचडे एवं पनी को बीनकर अपने एवं अपने परिवार के उदरपोषण में लगे बच्चों ने भी जमकर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती अलका मिश्रा एवं आभार श्रीमती कंचन असाटी ने किया।

17 अग॰ 2015

15 अगस्त 2015 को प्रांतीय वैष्णव ब्राह्मण समाज भवन मानसरोवर, जयपुर प्रांगन में स्वतन्त्रता दिवस समारोह का आयोजन

 15 अगस्त 2015  जयपुर - अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सतीश जी वैष्णव के आह्वान पर अखिल भारतीय युवा वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ के तत्वाधान में किया गया! 
Naresh Vaishnav's photo.इस अवसर पर प्रांतीय संस्था के संरक्षक श्री एस.एस. वैष्णव ,श्री कृष्णमुरारी जी ,पुजारी महासभा के राजस्थान अध्यक्ष महेंद्र जी , सेवा संघ के राष्ट्रीय युवा महा सचिव चम्पालाल जी रामावत , राजस्थान के अध्यक्ष राजेश वैष्णव ,अति. महासचिव हरिओम वैष्णव राहोली ,उपाध्यक्ष राधेश्याम जी सहकोषाध्यक्ष महावीर जी ,जयपुर अध्यक्ष नरेश वैष्णव, सचिव राहुल स्वामी, उपाध्यक्ष हरिओम जी जयपुर ,विशालजी,सुनीलजी,विनोदजी,पवन कुमार वैष्णव राहोली, हरिशंकरजी स्वामी सांगानेर और समाज के गणमान्य समाज बन्धुओ सहित लगभग 50 लोग उपस्थित थे 
सर्वप्रथम राष्ट्रध्वज को सलामी देते हुए सभी कार्यकर्ताओ ने राष्ट्रगान गाया और भारत माता की जय ,जय जवान जय किसान ,वन्दे मातरम् की जय घोष से पूरा समाज भवन गूंज गया |

इस अवसर पर युवा सेवा संघ के राजस्थान अति. महासचिव हरिओम वैष्णव राहोली को राष्ट्रीय मानवाधिकार एवम् अपराध नियंत्रण संघठन दिल्ली का राजस्थान प्रदेश महामंत्री बनने पर माल्यार्पण कर सभी द्वारा स्वागत किया गया , सेवा संघ कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए अध्यक्ष राजेश जी ने श्री योगेश कोशिक मानसरोवर को राजस्थान उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया ,जयपुर अध्यक्ष नरेश जी ने सांगानेर तहसील अध्यक्ष के रूप में श्री शंकर जी वैष्णव सांगानेर को मनोनीत किया और सभी ने बधाई दी 
इसके बाद कार्यकारणी मीटिंग का आयोजन किया गया जिसमे 20 सितम्बर में सूरत में होरही सेवा संघ की राष्ट्रीय मीटिंग में चलने को लेकर चर्चा हुयी और 13 सितम्बर को प्रतिभा सम्मान समारोह और सामूहिक गोठ आयोजन की घोषणा की गयी 
अखिल भारतीय युवा वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ राजस्थान द्वारा जयपुर में प्रतिभा सम्मान समारोह और सामूहिक गोठ का आयोजन 13 सितम्बर को जयपुर में किया जायेगा ,इस में वर्ष 2014-2015 की बोर्ड परीक्षाओ में 75% या इससे अधिक अंक अर्जित करने वाले छात्र-छात्राओं तथा उच्चस्तरिय पद पर प्रतिष्ठित हुए समाज बन्धुओ का सम्मान किया जायेगा !
इस हेतु रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 10 सितम्बर 2015 रखी गयी हे इस दिनांक तक सभी विद्यार्थी अपनी अंकतालिका की फोटो प्रति के पीछे अपना सम्पूर्ण विवरण लिखकर जमा करा सकते हे 
इस हेतु आप निम्नलिखिल नम्बरो पर संपर्क कर सकते हे 
चम्पालाल रामावत (राष्ट्रीय युवा महासचिव ) 09928035918
हरिओम वैष्णव राहोली (अति.महासचिव राजस्थान) 09799299499,09829050609
राजेश वैष्णव (युवा अध्यक्ष राजस्थान ) 09462943911
नरेश वैष्णव (युवा जयपुर अध्यक्ष) 09783300655,09351540835
अंक तालिका आप hariom.vaishnav127@gmail.com पर ईमेल भी कर सकते हे 
डाक द्वारा निम्न पते पर भेजे- 
कार्यालय अखिल भारतीय युवा वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ राजस्थान 
c/o चम्पालाल रामावत 
ए -38, पदम् विहार ,न्यू सांगानेर रोड ,मानसरोवर 
जयपुर (राजस्थान

आपका साथी 
हरिओम वैष्णव राहोली

7 अग॰ 2015

अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ के आव्हान समाज जन राजस्थान व मध्यप्रदेश ज्ञापन दिया पुजारियों की समस्याओं,देव स्थानों के विकास की मांग ।


राजस्थान  में पुजारी महासभा , वैष्णव युवा परिषद्  , विकास परिषद्  ने  दिया  समर्थन 
मंदिरों के सरकारी करण का किया विरोध,सरकार की मंशा पर उठे सवाल
 


अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण  सेवा संघ के द्वारा पुजारियों की समस्याओं के निराकरण तथा देव स्थानों के विकास की मांग को लेकर सरकार के सामने अपनी बात को प्रमाण एवं तथ्यों के साथ रखने का क्रम जारी है। सम्पूर्ण देश में एक साथ आवाज को उठाने का कार्य करने वाले राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश जी वैष्णव के कुशल मार्गदर्शन में एक साथ मध्यप्रदेश एवं राजस्थान के प्रत्येक जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन संघ के प्रतिनिधियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम जिले के कलेक्ट्ररों को ज्ञापन के माध्यम से समस्याओं एवं भावनाओं से अवगत करा निराकरण की मांग की है। इसी क्रम में प्रदेश के दमोह जिले में प्रदेश उपाध्यक्ष पं.डा.लक्ष्मीनारायण वैष्णव के नेतृत्व में एक ज्ञापन अनुविभागीय दण्डाधिकारी राकेश कुशरे एवं तहसीलदार मनोज श्रीवास्तव को सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया है कि देश के अस्सी प्रतिशत मंदिरों में पुजारी वैष्णव बैरागी ब्राम्हण समाज के हैं जो कि मंदिरों के सरकारी करण की नीति से त्रस्त हैं। प्रदेश सरकार द्वारा मंदिरों को सरकारी करण के शिकंजे में कसने से धर्म पर आक्रमण करने की बात सामने आ रही है। देश में हमारा संविधान धर्म निरपेक्ष शासन तंत्र एवं सर्वधर्म समभाव की अनुमति देता है एैसे में केवल हिन्दुधर्म के और उसमें भी सनातन धर्म के देव स्थानों का सरकारीकरण असंवैधानिक है एवं प्रदेश सरकार का धर्मस्व विभाग एवं उसकी कार्यवाहियां विचारणीय हो जाती हैं।  
शस्त्र एवं शास्त्र लेकर की धर्म रक्षा -
देश में जब हिन्दुओं पर आक्रमण किया गया सनातन धर्म को कुचलने का प्रयास किया गया ,धार्मिक प्रतीक मंदिरों को तोडा गया तो वैष्णव बैरागी ब्राम्हणों ने आक्रांताओं को कुचलने का कार्य किया एक साथ में शस्त्र तो दूसरे में शास्त्र उठाया। पंजाब,हरियाणा के बंदा बैरागी का नाम कौन नहीं जानता उत्तरप्रदेश एवं मध्यप्रदेश के रामानंदी अखाडे इस बात का प्रमाण हैं। देश की आजादी में प्रथम संयासी क्रांति को कौन नहीं जानता आज का पुजारी समाज इन्ही धर्म सुरक्षा सैनानियों का वंशज है। इनके पूर्वजों ने अपने-अपने स्तर पर धर्म प्रतीक मंदिरों को बनाकर हिन्दु सनातन धर्म को सुरक्षित रखा। आक्रांता जब एक मंदिर तोडते थे यह दस बनाते थे छोटे मंदिर,बिना शिखर वाले मंदिर (शाला मंदिर),ओटला मंदिर एवं वृक्षस्थ मंदिर आदि इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं,इनका सरकारीकरण अवैध है। 
मान.सर्वोच्च एवं उच्च न्यायालय ने भी नकारा-
विदित हो कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय ने निजि मंदिरों के सरकारीकरण को नकारा है। तथा इन निजि मंदिरों एवं उनकी भूमियों को कलेक्ट्रर की व्यवस्था में देने एवं पुजारियों के हितों के विरूद्ध की गयी कार्यवाहीयों को भी नकारते हुये अवैध घोषित किया है।
प्रदेश सरकार की बेबसाईट से जाहिर होती मंशा-
मध्यप्रदेश सरकार की धर्मस्व विभाग की बेबसाईट पर नजर डालें तो सरकार की मंशा एवं माननीय न्यायालय की अवमानना की जानकारी सामने आने लगती है। विगत दस बर्षों से इस सरकारीकरण की असलियत को सामने लाती उक्त बेबसाईट में लिखा है कि जहां कहीं भू-अभिलेख (पटवारी खसरा जो स्वत्व का प्रमाण होता है)में मंदिर मूर्ति अंकित है वहां व्यवस्थापक कलेक्ट्रर अंकित कर मंदिर व भूमि को शासन संधारित मंदिरों की श्रेणी में रखकर उसे सरकारी बना दिया गया है। जबकि कार्यवाही तथा निजि मंदिरों एवं भूमि उनकी सम्पत्तियों का मनमाना सरकारीकरण पूर्णत:अवैध होने संबधी अनेकों आदेश मान.उच्च न्यायालय द्वारा किये गये हैं।
प्रदेश में  इनके  नेतृत्व  में  दिया  ज्ञापन - राजस्थान  में  प्रदेश  अध्यक्ष  डी.सी.वी. किरण , युवा  अध्यक्ष  राजेश  वैष्णव  , मध्यप्रदेश  में  ओ.पी. बैरागी  राष्ट्रीय  अतिरिक्त  महासचिव  ,  घनश्याम  वैष्णव  प्रदेश अध्यक्ष  , महेश बैरागी  राष्ट्रीय  उपाध्यक्ष  युवा  सेवा  संघ  ,   
 यह रहे प्रमुख रूप से उपस्थित - इस अवसर पर प.कडोरीदास बैरागी,पं.विनोद शांडिल्य,पं.बृजमोहन दीक्षित,पं.रजतदास वैष्णव,प्रकाश वैष्णव,रामेश्वरदास बैरागी,अरूण दीक्षित,महेश वैष्णव,अशोकदुबे सहित बडी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही।
 अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण  सेवा संघ के आव्हान  समाज जन  राजस्थान  व  मध्यप्रदेश  ज्ञापन दिया  पुजारियों की समस्याओं,देव स्थानों के विकास की मांग । 
राजस्थान  में पुजारी महासभा , वैष्णव युवा परिषद्  , विकास परिषद्  ने  दिया  समर्थन 
 मंदिरों के सरकारी करण का किया विरोध,सरकार की मंशा पर उठे सवाल
 दमोह -  अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण  सेवा संघ के द्वारा पुजारियों की समस्याओं के निराकरण तथा देव स्थानों के विकास की मांग को लेकर सरकार के सामने अपनी बात को प्रमाण एवं तथ्यों के साथ रखने का क्रम जारी है। सम्पूर्ण देश में एक साथ आवाज को उठाने का कार्य करने वाले राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश जी वैष्णव के कुशल मार्गदर्शन में एक साथ मध्यप्रदेश एवं राजस्थान के प्रत्येक जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन संघ के प्रतिनिधियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम जिले के कलेक्ट्ररों को ज्ञापन के माध्यम से समस्याओं एवं भावनाओं से अवगत करा निराकरण की मांग की है। इसी क्रम में प्रदेश के दमोह जिले में प्रदेश उपाध्यक्ष पं.डा.लक्ष्मीनारायण वैष्णव के नेतृत्व में एक ज्ञापन अनुविभागीय दण्डाधिकारी राकेश कुशरे एवं तहसीलदार मनोज श्रीवास्तव को सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया है कि देश के अस्सी प्रतिशत मंदिरों में पुजारी वैष्णव बैरागी ब्राम्हण समाज के हैं जो कि मंदिरों के सरकारी करण की नीति से त्रस्त हैं। प्रदेश सरकार द्वारा मंदिरों को सरकारी करण के शिकंजे में कसने से धर्म पर आक्रमण करने की बात सामने आ रही है। देश में हमारा संविधान धर्म निरपेक्ष शासन तंत्र एवं सर्वधर्म समभाव की अनुमति देता है एैसे में केवल हिन्दुधर्म के और उसमें भी सनातन धर्म के देव स्थानों का सरकारीकरण असंवैधानिक है एवं प्रदेश सरकार का धर्मस्व विभाग एवं उसकी कार्यवाहियां विचारणीय हो जाती हैं।  
शस्त्र एवं शास्त्र लेकर की धर्म रक्षा -
देश में जब हिन्दुओं पर आक्रमण किया गया सनातन धर्म को कुचलने का प्रयास किया गया ,धार्मिक प्रतीक मंदिरों को तोडा गया तो वैष्णव बैरागी ब्राम्हणों ने आक्रांताओं को कुचलने का कार्य किया एक साथ में शस्त्र तो दूसरे में शास्त्र उठाया। पंजाब,हरियाणा के बंदा बैरागी का नाम कौन नहीं जानता उत्तरप्रदेश एवं मध्यप्रदेश के रामानंदी अखाडे इस बात का प्रमाण हैं। देश की आजादी में प्रथम संयासी क्रांति को कौन नहीं जानता आज का पुजारी समाज इन्ही धर्म सुरक्षा सैनानियों का वंशज है। इनके पूर्वजों ने अपने-अपने स्तर पर धर्म प्रतीक मंदिरों को बनाकर हिन्दु सनातन धर्म को सुरक्षित रखा। आक्रांता जब एक मंदिर तोडते थे यह दस बनाते थे छोटे मंदिर,बिना शिखर वाले मंदिर (शाला मंदिर),ओटला मंदिर एवं वृक्षस्थ मंदिर आदि इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं,इनका सरकारीकरण अवैध है। 
मान.सर्वोच्च एवं उच्च न्यायालय ने भी नकारा-
विदित हो कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय ने निजि मंदिरों के सरकारीकरण को नकारा है। तथा इन निजि मंदिरों एवं उनकी भूमियों को कलेक्ट्रर की व्यवस्था में देने एवं पुजारियों के हितों के विरूद्ध की गयी कार्यवाहीयों को भी नकारते हुये अवैध घोषित किया है।
प्रदेश सरकार की बेबसाईट से जाहिर होती मंशा-
मध्यप्रदेश सरकार की धर्मस्व विभाग की बेबसाईट पर नजर डालें तो सरकार की मंशा एवं माननीय न्यायालय की अवमानना की जानकारी सामने आने लगती है। विगत दस बर्षों से इस सरकारीकरण की असलियत को सामने लाती उक्त बेबसाईट में लिखा है कि जहां कहीं भू-अभिलेख (पटवारी खसरा जो स्वत्व का प्रमाण होता है)में मंदिर मूर्ति अंकित है वहां व्यवस्थापक कलेक्ट्रर अंकित कर मंदिर व भूमि को शासन संधारित मंदिरों की श्रेणी में रखकर उसे सरकारी बना दिया गया है। जबकि कार्यवाही तथा निजि मंदिरों एवं भूमि उनकी सम्पत्तियों का मनमाना सरकारीकरण पूर्णत:अवैध होने संबधी अनेकों आदेश मान.उच्च न्यायालय द्वारा किये गये हैं।
प्रदेश में  इनके  नेतृत्व  में  दिया  ज्ञापन - राजस्थान  में  प्रदेश  अध्यक्ष  डी.सी.वी. किरण , युवा  अध्यक्ष  राजेश  वैष्णव  , मध्यप्रदेश  में  ओ.पी. बैरागी  राष्ट्रीय  अतिरिक्त  महासचिव  ,  घनश्याम  वैष्णव  प्रदेश अध्यक्ष  , महेश बैरागी  राष्ट्रीय  उपाध्यक्ष  युवा  सेवा  संघ  ,   
  दमोह - 

यह रहे प्रमुख रूप से उपस्थित-इस अवसर पर प.कडोरीदास बैरागी,पं.विनोद शांडिल्य,पं.बृजमोहन दीक्षित,पं.रजतदास वैष्णव,प्रकाश वैष्णव,रामेश्वरदास बैरागी,अरूण दीक्षित,महेश वैष्णव,अशोकदुबे सहित बडी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही।

19 जुल॰ 2015

बांसवाड़ा - घाटोल के नितेश वैष्णव पुत्र मणिलालजी वैष्णव का आर ए एस भरती परीक्षा 2012 में अधीनस्थ सेवा में चयन ।



नितेश  वैष्णव  ने  अपनी  प्रतिभा  का  लोहा  मनवा  कर  परिवार 

 व  समाज  का  गौरव  बढ़ाया  हे । 

 नितेश  वैष्णव  को  वैष्णव  टुडे  पत्रिका  की  और  से  हार्दिक  बधाई  । 


23 जून 2015

बाँसवाड़ा - 21 जुन अंतराष्ट्रीय योग दिवस अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ वैष्णव ब्राह्मण समाज जन ने भाग लिया

















बाँसवाड़ा - 21 जुन अंतराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय योग कार्यक्रम में अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ इकाई बाँसवाड़ा के जिला अध्यक्ष मोहन दास के नतृत्व में वैष्णव ब्राह्मण समाज जन ने भी बढ़ी संख्या में भाग लिया राष्ट्रीय मिडिया सयोजक कुलदीप गृहस्थी ने बताया की जिला स्तरीय इस कार्यक्रम में सेवा संघ सदस्य ईशवर दास वैष्णव , नानुराम जी वैष्णव ,हरीश गृहस्थी ,योगेश दिवाकर ,दिनेश भंडारी ,दिनेश वैष्णव ,उमेश अधिकारी कन्या लाल जी वैष्णव , पियूष वैष्णव ,राकेश वैष्णव ,पार्षद राघव वैष्णव ,जिला महामंत्री भा.ज.पा.शीतल भंडारी ,कृष्णा गृहस्थी ,सरोज जी वैष्णव ,ममता अधिकारी ,मोनिका वैष्णव , ज्योति वैष्णव ,आरती वैष्णव ,अलका वैष्णव ,विद्यया वैष्णव ,काबू जी वैष्णव ख़ुशी वैष्णव सविता वैष्णव ,शान्ति वैष्णव ,विद्यया वैष्णव ,इश्वरी जी वैष्णव ,आदी समाज जन ने भाग लिया सेवा संघ के इस आल्प निवेदन पर समाज जन ने जिला स्तरीय इस आयोजन में समाज जन के बढ़ चढ़ कर भाग लेने के लिये समाज के ईशवर दास जी वैष्णव ने सरहना की व इस आयोजन को सफल बनाने के लीये मोहन दास जी वैष्णव ने आभार ज्ञापित किया ! राजेन्द्र वैष्णव राष्ट्रीय प्रवकता सेवा संघ !

21 मई 2015

देश में पांच लाख श्रमिक बने मालिक, काम मांगते नहीं देते हैं - डा.लक्ष्मीनारायण वैष्णव

नरेगा के तहत स्थाई परिसम्मपति निर्माण में मध्यप्रदेश अब्बल |
                                                       
दिल्ली/ वह अब मजदूर नहीं अपितु मालिक बन गये हैं,वह काम मांगते नहीं अपितु स्थानीय कुछ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने लगे हैं जी हां यह कोई कहानी नहीं अपितु एक सच्चाई है। कभी मजदूरी की मांग करने वाले तथा अब मालिक बनने वाले एैसे लोगों की संख्या पर नजर डालें तो देश में 4 लाख 78 हजार 509 बतलायी जाती है। वहीं मध्यप्रदेश भारत के अन्य प्रांतों की संख्या में प्रथम पायदान पर खडा दिखलायी देता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना मनरेगा के तहत कराये गये स्थायी परिसम्मपत्तियों के निर्माण से यह सब संभव हुआ। इस बात का उदाहरण मध्यप्रदेश में हुई स्थायी परिसम्मपत्तियों के निर्माण तथा संबधित विभाग की बेबसाईड पर उपलब्ध जानकारी स्वयं प्रमाणित करती देखी जा सकती है। ज्ञात हो कि इस संबध में प्रदेश सरकार को सम्मानित भी किया जा चुका है।
किस राज्य में कितने बने मालिक-
भारत सरकार के संबधित विभाग के अनुसार मध्यप्रदेश में 1 लाख 95 हजार 540,उत्तर प्रदेश 77 हजार 410,कर्नाटक 56 हजार 615,आन्ध्रप्रदेश 38 हजार 143, राजस्थान 32 हजार 489,वेस्ट बंगाल 24 हजार 371,छत्तीसगढ 23 हजार 594,झारखंड 22 हजार 784,उडिसा 18 हजार 542,गुजरात 16 हजार 378,तेलंगाना 15 हजार 266,बिहार 11 हजार 663,केरला 10 हजार 843,हिमाचल प्रदेश 8 हजार 320,असाम 7 हजार 931,तमिलनाडू 3 हजार 851,उत्तराखंड 265,हरियाणा 240,जम्मू कश्मीर 185,अण्डमान निकोबार 44,तिरपुरा 17,मंडीपुर 09,सिक्किम 09,गोवा 04,मेघालय 01,मिजोरम 01 मजदूर अब मालिक बन चुके हैं। वहीं शेष राज्यों एक भी मजदूर का मालिक नहीं बनने की जानकारी प्राप्त हुई है।
मध्यप्रदेश कितने कहां लाभांवित-
प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश में अलीराजपुर 2429,अनुपपुर 1471,अशोकनगर 336,बालाघाट 4807,बडवानी 2684,बेतूल 2529,भिंड 373,भोपाल 1060,बुरहानपुर 589,छतरपुर 2122,छिंदवाडा 4662,दमोह 3209,दतिया 785,देवास 2938,धार 5313,डिंंडोरी 1813,गुना 972,ग्वालियर 1558,हरदा 409,होशंगावाद 437,इंदौर 401,जबलपुर 441,झाबुआ 3997,कटनी  2164,खंडवा 4873,खरगौन 2439,मंडला 5159,मंदसौर 2853,मुरैना 4645,नरसिंहपुर 331,नीमच 1938,पन्ना 2503,रायसेन 1010,राजगढ 3768,रतलाम 2618,रीवा 1626,सागर 1848,सतना 5991,सीहोर 2866,सिवनी 2320,शहडोल 947,शाजापुर 1037,श्योपुर 742,शिवपुरी 2421,सीधी 3294,सिंगरोली 901,टीकमगढ 1731,उज्जैन 1375,उमरिया 2517 एवं विदिशा में 993 श्रमिकों की आर्थिक स्थिति मनरेगा योजना के तहत चलने वाली हितग्राही मूलक के कारण सुदृढ होने पर वह अब अपना स्वयं का कार्य करने लगे हैं।
संचालित योजनायें-
मनरेगा के तहत संचालित योजनाओं पर नजर डालें तो इनकी संख्या 16 बतलायी जाती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कपिलधारा,नंदन फल उद्यान,मेड बंधान,ग्रामीण शांतिवन,ग्रामीण क्रीडाकंन,पंचायत भवन,आंगनबाडी भवन,शैलपर्ण,पथ वृक्षारोपण,ग्राम वन,मिट्टी मुरमीकरण, सीसी रोड,पशु शेड,खेत तालाब,नवीन तालाब एवं निर्मल नीर जैसी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।
नमों की नजर और कसाबट-
देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नजर एवं कसावट से लगातार उक्त महत्वपूर्ण योजना में पारदर्शिता के साथ अधिक मजबूत होने की स्थिति निर्मित होने लगी है।  प्राप्त जानकारी के अनुसार देश में 2500 जनपद पंचायतें आईपीपीई के तहत कार्य करेंगी,जिनमें मध्यप्रदेश की 180 जनपदों को भी उक्त योजना से जोडा गया है। बतलाया जाता है कि पायलट प्रोजक्ट के रूप में उक्त जनपदों को आईपीपीई में जोडा गया है।  उक्त कार्य से जहां विरोधियों द्वारा लगातार मनरेगा को बंद करने की केन्द्र सरकार की योजना जैसे भ्रम एवं प्रश्रों पर विराम लग रहा है तो वहीं आईपीपीई के दायरे में आने से मनरेगा में अधिक पारदर्शिता आने का संकेत माना जा रहा है।  आईपीपीई अर्थात् सघन,सहभागी,न्योजन योजना में मोबाईल मानिटरिंग सिस्टम लागू होगा। कार्य स्थल से ही लाईव डाटा के साथ ही रियल टाईम आन लाईन डाटावेश उपलब्ध होगा। वहीं परिसम्पत्तियों निर्माण कार्यों का सत्यापन एवं लोकेशन जीओ टेगिंग के माध्यम से उपलब्ध रहेगा। जानकार बतलाते हैं कि उक्त योजना के लागू होने से ईलेक्ट्रानिक मेजरमेंट होगा जबकि पूर्व में इन पंचायत मेनुअल मेजरमेंट होता था। इसमें फोटो भी अपलोडिंग साईड यनि कार्य स्थल से ही होगी। विभागीय सूत्रों की माने तो उक्त निर्देश के पालन में विभाग ने कार्य करना प्रारंभ कर दिया है।



अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ की राष्ट्रीय कार्यकारणी बैठक की जलकिया ।

Popular News